पिछले एक घंटे में

निधीश त्यागी

पिछले एक घंटे में

निधीश त्यागी

और अधिकनिधीश त्यागी

    पृथ्वी पर इस वक़्त

    आबादी सात अरब से ज़्यादा है

    हर घंटे की तरह

    इस घंटे भी

    कई करोड़ लोग

    लोग रोज़मर्रा के बाक़ी कामों की तरह

    इस्तेमाल करेंगे प्यार नाम का शब्द

    इस घंटे एक शब्द के करोड़ों इस्तेमाल

    का जो औसत अर्थ होगा

    वही मतलब उस घंटे के इतिहास

    में दर्ज और सच माना जाएगा।

    पर हर किसी का संदर्भ और प्रसंग

    ज़रूरी नहीं वही हो

    जो घंटे के औसत से निकाला जाएगा

    प्यार के नाम पर

    कोई फिसलपट्टी पर होगा

    कोई धधक रहा होगा भट्ठी की तरह

    कोई कुढ़ रही होगी जलकुकड़ी बन

    कोई सलीक़े से झूठ कह रहा होगा

    कोई शक से ज़र्द हो रहा होगा

    कोई यक़ीन में बदलने पर राख

    कोई जिस्म में टटोल रहा होगा

    प्यार जैसा कुछ

    कोई रिश्तों के आर-पार

    कोई ख़ुदकुशी के तरीक़ों का गूगल कर रहा होगा

    कोई सिहर, पसर, ठिठक, पलट, सिमट, गुज़र रहा होगा

    कोई खिल, उछल, फुदक, दौड़ भी रहा होगा

    आँखों मे झाँकने के लिए,

    हज़ारों ख़्वाहिशों के लिए

    सपनों के लिए, सच के लिए

    जैसे कोई अपना पाँव घसीटता होगा

    अमावस की सर्द रात में

    शराबख़ाने से निकलता हुआ

    गालियों में बदलती

    हारे जुआरी की बद्दुआओं की तरह

    कोई रास्ता पकड़ेगा, कोई बदलेगा भी

    कोई अकेले में प्यार करेगा

    कोई प्यार में अकेला पड़ जाएगा

    ज़रूरी नहीं कि प्यार के पात्रों को भी

    बदले में वैसा ही, उतना ही और वही

    प्यार हो जो उन्हें नसीब हुआ

    कोई चुप हो जाएगा,

    कोई बोलने लगेगा,

    सबका प्यार सबके प्यार से अलग होगा, सबके लिए अलग मतलब होंगे, अलग नियम, शर्तें, बंधन, स्थायी और गतिशील,

    अगर प्यार होगा तो,

    इस लौटने वाले घंटे में

    कई करोड़ कोशिशें होंगी प्यार को छेकने की

    रोकने की जाने देने की

    कई साबित करेंगे अपना प्यार इस घंटे में

    कई सफ़ाई देंगे प्यार की कमी-बेसी की

    कई तर्क रखे जाएँगे, कई प्रार्थनाएँ भी

    इस एक घंटे के लिए कई घंटे ख़राब होंगे

    अगले घंटे कई दूसरे करोड़ों लोग होंगे

    परिभाषा के प्यार में गढ़े जाते हुए

    एक नया औसत बनाते

    प्यार का औसत

    प्यार नहीं हो पाएगा।

    स्रोत :
    • रचनाकार : निधीश त्यागी
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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