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आत्मा को शांति मिले

aatma ko shanti mile

अनुवाद : मदन सोनी

निकानोर पार्रा

निकानोर पार्रा

आत्मा को शांति मिले

निकानोर पार्रा

 
माना कि आत्मा को शांति मिली
लेकिन क्या किया जाए इस सीलन का?
और इस काई का?
और क़ब्र के पत्थर के इस बोझ का?
 
और इन पियक्कड़ क़बरबिज्जुओं का?
और गुलदस्ते उड़ा ले जाने वाले लोगों का?  
और ताबूत कुतरते चूहों का?
और घिनौंने केंचुए
हर कहीं रेंगते
ये हमारा मरना मुश्किल कर देते हैं
या आप वाक़ई सोचते हैं
कि जो हो रहा है हमें उसका पता नहीं...
 
कहने-भर के लिए आपको यह अच्छा है कि आत्मा को शांति मिली
जबकि इस नर्क को आप भली-भाँति जानते हैं यह असंभव है
आप सिर्फ़ गाल बजा रहे हैं
 
ख़ैर आपकी सूचना के लिए
हमें मालूम है कि क्या हो रहा है
मकड़ियाँ दौड़ रही हैं हमारे पैरों पर
यह अच्छी तरह जान लो
 
हम क्रेप को काट दें
जबकि आप खडे हैं नितांत खुली हई क़ब्र में
यह समय है कि साफ़-साफ़ कहा जाए :
आप अपने दुखों को डुबा सकते हैं जागृति में
हम अटके हुए हैं इस नर्क की तलछट में
 
स्रोत :
  • पुस्तक : पुनर्वसु (पृष्ठ 55)
  • संपादक : अशोक वाजपेयी
  • रचनाकार : निकानोर पार्रा
  • प्रकाशन : राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली
  • संस्करण : 1989
हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

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‘हिन्दवी डिक्शनरी’ हिंदी और हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों के शब्दों का व्यापक संग्रह है। इसमें अंगिका, अवधी, कन्नौजी, कुमाउँनी, गढ़वाली, बघेली, बज्जिका, बुंदेली, ब्रज, भोजपुरी, मगही, मैथिली और मालवी शामिल हैं। इस शब्दकोश में शब्दों के विस्तृत अर्थ, पर्यायवाची, विलोम, कहावतें और मुहावरे उपलब्ध हैं।

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