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नाशपतियों और बेरियों ने निशाना साधा है मुझ पे

nashapatiyon aur beriyon ne nishana sadha hai mujh pe

ओसिप मंदेलश्ताम

अन्य

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ओसिप मंदेलश्ताम

नाशपतियों और बेरियों ने निशाना साधा है मुझ पे

ओसिप मंदेलश्ताम

और अधिकओसिप मंदेलश्ताम

    नाशपतियों और बेरियों ने निशाना साधा है मुझ पे

    पीट रही हैं मुझे जमकर, दिखलाएँ अपनी ताक़त वे

    कभी नेता लगते फोड़ों से, तो कभी फोड़े लगते नेता से

    ये कैसा दोहरा राज देश में? छोड़ें अपनी आदत वे

    तो फूलों से सहलाएँ वे, तो मारें खुलकर साध निशाना

    कभी कोड़े मारें, कभी गदा घुमाएँ, चाहते हैं शहादत वे

    तो मीठी रोटी से बहलाएँ, तो रंग मौत के दिखलाएँ

    कभी पुचकारें, कभी दुत्कारें, देखो, लाए हैं क़यामत वे

    स्रोत :
    • पुस्तक : सूखी नदी पर ख़ाली नाव (पृष्ठ 313)
    • संपादक : वंशी माहेश्वरी
    • रचनाकार : ओसिप मंदेलश्ताम
    • प्रकाशन : संभावना प्रकाशन
    • संस्करण : 2020

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