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मोमिताक मादे

momitak made

आनन्द मोहन झा

आनन्द मोहन झा

मोमिताक मादे

आनन्द मोहन झा

और अधिकआनन्द मोहन झा

    काल्हि पोस्ट कयने छलाह अजित आजाद

    एक गोट कविता—'मोमिता'

    से पढ़ल

    नहि सम्हारि पाबि रहल अछि

    हमर संवेदना, मोमिताक चित्कार

    ने अजित जीक कविताक धार

    आखरमे छैक जखन एतेक पीड़ा

    त' ओकर देह, ओकर मोन

    सहने हेतैक कतेक पीड़ा

    ओहि सेमिनार कक्षमे

    नहि रहथि उपस्थित अजित जी

    ने हुनक कविता

    ओतय मात्रे उपस्थित छल वेदना

    ताहिसँ सम्बद्ध कविक संवेदना

    'पोडियमसँ देने हेतीह मानवता पर वक्तव्य'

    'कुर्सी त' सदिखन रहल अछि मौन'

    कविताक पाँति सभ

    पोडियमसँ कुर्सी धरि कहिया पहुँचत

    थेथर कुर्सी पर विराजमान

    निर्लज्ज व्यवस्थाक आँखिमे

    नहि जानि कहिया अभरत लाज

    ओना क्षमा जोग त' नहि व्यवस्था अछि

    ने समाज!

    स्रोत :
    • पुस्तक : नो मेन्स लैण्ड पर ठाढ़ कवि (पृष्ठ 118)
    • रचनाकार : आनन्द मोहन झा
    • प्रकाशन : नवारम्भ, मधुबनी/पटना
    • संस्करण : 2024

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