दस्‍तकें

नवीन रांगियाल

दस्‍तकें

नवीन रांगियाल

और अधिकनवीन रांगियाल

     

    एक

    दरवाज़े पर दी गईं दस्‍तकें हैरत की आवाज़ें हैं
    यह पूछना कि ‘बाहर कौन है’?  
    दिल का ज़ोर-ज़ोर से धड़कना है

    दरवाज़ें खोलना ‘प्रार्थनाएँ’ हैं

    दरवाज़े के उस तरफ़
    उसका नहीं होना
    कविता है

    आँखें बंद करना
    और दरवाज़ें की दस्‍तकों पर हैरान होना
    प्रेम है
    प्रतीक्षा है

    दो

    मृत्यु का अर्थ एक तसल्ली है
    कोई निजात
    गुमनामी
    मुक्‍त‍ि कोई 

    या आँख में जलती हुई कोई लपट

    दीवार पर टँगी तस्वीर
    सड़क पर फेंके गए जर्मन के सिक्‍के
    या कुचले हुए गुलाब के फूल

    आधे जले हुए उपले
    बुझी हुई सिगरेट
    टूटे हुए चश्में

    रंग का मतलब होता है कि वह हमारे सामने है
    और हम उसे देखते हैं

    प्रेम का अर्थ
    आँखें बंद कर लेना और उसे देखना

    दूरी का अर्थ है
    मैं अपनी उँगलियों पर दिन और साल गिनता हूँ

    याद का अर्थ होता है
    शृंगार के आईने पर उभरे हुए काजल के धब्‍बे  

    रात का अर्थ है
    हम सबकी नींदें उड़ी हुई हैं
    दिन मतलब हम सब बदहवास हैं

    ईश्वर का अर्थ होता है
    हम में से किसी ने उसे नहीं देखा
    हम में से कुछ लोग उसे खोज रहे हैं
    हम में से कुछ को वह मिल चुका है

    होने का मतलब—हम बहुत सारे हैं
    हम सब साथ हैं
    लेकिन हम सब अकेले हैं

                   
    स्रोत :
    • रचनाकार : नवीन रांगियाल
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए द्वारा चयनित

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