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विदा-गीत

vida geet

मायानंद मिश्र

मायानंद मिश्र

विदा-गीत

मायानंद मिश्र

और अधिकमायानंद मिश्र

    गीतक गाम उदासल।

    मनकेर चार उछाहल सन अछि

    आँखिक धार पियासल।

    हुलकि हुलकि ओलती तकइत अछि

    चिनमारक मुँह लटकल,

    चौकठि एसगर गड़ल-गड़ल अछि

    मन अछि उखड़ल-उखड़ल

    उठल कहार चलल ड्योढ़ीसँ

    टोलक कंठ झकासल।

    घंटी बौक सराय निहारय

    फुलडाली विधुआयल

    बाढनि देलक पटोटनि भोरे

    आङनमे ओङ्घरायल

    आँचर-आँचर कलश-कलश केर

    प्यास रहत अजबारल।

    ड्योढ़ी ताकय दरबज्जा दिस

    दरबज्जा मुँह झाँपय

    आङन केर टाटक हिचुकी सुनि

    हनुमानक ध्वज काँपय

    सूप अगौं केर खरिहानेमे

    बज्जर भेल, उपासल।

    मेहदी कानि, अकानि रहल छै

    लगुजा पयरक पायल

    अरिपन केर आकुरसँ तुलसी,

    कहियो कहाँ अघायल,

    एखनहि हाट पसारल सन छल

    एखनहि गेल उसारल।

    बाकुट-बाकुट क्षण बिलहल अछि

    कालक भरल चङेरा

    सबदिनसँ सब घर कुचरल अछि

    कौआ चढ़ल मुड़ेरा

    हाय रुदन केर रौद इजोरिया

    उन्मादल अवसादल।

    स्रोत :
    • पुस्तक : अवान्तर (पृष्ठ 38)
    • रचनाकार : मायानन्द मिश्र
    • प्रकाशन : मैथिली चेतना परिषद्, सहरसा
    • संस्करण : 1977

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