बुंदेलखंड का लौकिक छंद। चार कड़ियों में लिखे जाने के कारण इसे चौकड़िया कहा गया। कुछ विद्वानों के अनुसार इस छंद के पुरस्कर्ता ईसुरी हैं।

बुंदेली फाग के कवि।

बुंदेलखंड में फागों के लिए चर्चित कवि।

बुंदेली फागों के लिए स्मरणीय कवि।

बुंदेली फाग के लिए ख्यात कवि।

बुंदेलखंड की फागों के लिए चर्चित कवि।

बुंदेलखंड के कवि, फागों के लिए स्मरणीय।

फागों के लिए स्मरणीय कवि।

बुंदेली फाग के रचनाकार।

कृष्णभक्ति के सरस पदों के लिए ख्यात।

बुंदेली फाग कवियों में से एक।

फागों के लिए स्मरणीय कवि।

भक्ति के सरस फागों के लिए स्मरणीय।

योग साधना के गूढ़ पदों के लिए स्मरणीय।

बुंदेली फाग के कवि।

शृंगार की सरस फागों के लिए समादृत कवि।

फाग के लिए ख्यात कवि।

बुंदेली फागों के लिए प्रसिद्ध।

बुंदेलखंड की लोक विधा फाग के लिए चर्चित नाम।

फाग के लिए स्मरणीय कवि।

बुंदेली फाग के एक चर्चित कवि।

लोक विधा फाग के लिए प्रसिद्ध।

फाग के लिए स्मरणीय।

सरस फागों के लिए स्मरणीय।

शृंगार प्रधान फागों के लिए चर्चित।

शृंगार की सरस फागों के लिए स्मरणीय कवि।

फागों के लिए स्मरणीय।

भक्ति की सरस फागों के लिए स्मरणीय।

बुंदेली फागों के कवि।

भक्ति के सरस पदों के लिए स्मरणीय।

नीतिपरक फागों के लिए प्रसिद्ध।

भक्तिपरक फागों के लिए प्रसिद्ध।

भक्ति की सरस फागों के लिए स्मरणीय कवि।