बरखा और मेघा
एक बार की बात है, दो सहेलियाँ थीं—एक मुर्ग़ी और एक बत्तख।
मुर्ग़ी का नाम था—मेघा। बत्तख का नाम था—बरखा। उनके तीन-तीन बच्चे थे। वे सब मेला देखने दूसरे गाँव जा रहे थे।
रास्ते में नदी आ गई। मेघा ने कहा, “हम नदी कैसे पार करेंगे? हम तो डूब जाएँगे।”