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मित्र पर ग़ज़लें

मित्रता दो या दो से

अधिक व्यक्तियों के बीच का अंतर्वैयक्तिक बंधन है जिसके मूल में आत्मीयता होती है। मित्रता के गुणधर्म पर नीतिकाव्यों में पर्याप्त विचार किया गया है। इस चयन में मित्र और मित्रता-संबंधी अभिव्यक्तियों को शामिल किया गया है।

सच एकदम

डॉ. वेद मित्र शुक्ल

उपजे ज्यों इक नाद

डॉ. वेद मित्र शुक्ल

बातों से

डॉ. वेद मित्र शुक्ल

फूल भी क्या खिले हैं

डॉ. वेद मित्र शुक्ल