संजीव कौशल का परिचय
जन्म :अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
संजीव कौशल दिल्ली विश्वविद्यालय में अँग्रेज़ी के प्रोफ़ेसर हैं। 'उँगलियों में परछाइयाँ' शीर्षक से उनका पहला कविता-संग्रह साहित्य अकादेमी दिल्ली से प्रकाशित हुआ। दूसरा 'घर ख़्वाबों से बनता है' संजना बुक्स दिल्ली से और तीसरा कविता-संग्रह 'फूल तारों के डाकिये हैं' लोकभारती प्रकाशन, इलाहाबाद से प्रकाशित हुआ। जर्मन भाषा से हिंदी में अनुवाद 'ख़्वाहिश है नामुमकिन की', ऑस्ट्रियाई कविताओं का अनुवाद 'नवंबर की धूप' वाणी प्रकाशन से प्रकाशित। वर्ष 2017 में कविता के लिए दिए जाने वाले प्रतिष्ठित मलखान सिंह सिसोदिया पुरस्कार से सम्मानित। 'घर को सैर पर भेज दो' (बोधि प्रकाशन, जयपुर) कविताओं की नवीनतम पुस्तक।