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काना सिंह

1937 | गुजर ख़ान, पंजाब

सुपरिचित पंजाबी कवयित्री, कथाकार, संस्मरणकार। पोठोहारी बोली की मिठास और संवेदना को पंजाबी में लाने के लिए उल्लेखनीय।

सुपरिचित पंजाबी कवयित्री, कथाकार, संस्मरणकार। पोठोहारी बोली की मिठास और संवेदना को पंजाबी में लाने के लिए उल्लेखनीय।

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