हजारीप्रसाद द्विवेदी का आलोचनात्मक लेखन
उपन्यास और कहानी
उपन्यास और कहानियाँ हमारे साहित्य में नई चीज़ हैं। पुराने साहित्य में कथा, आख्यायिका आदि के रूप में इस जाति का साहित्य मिलता है पर उनमें और आधुनिक कथाओं-उपन्यास और कहानियों में मौलिक भेद है। मौक़ा पाकर हम इस भेद को समझने का प्रयत्न करेंगे। अभी तो हम
रीतिमुक्त काव्यधारा
रीतिमुक्त साहित्य : यद्यपि सत्रहवीं शताब्दी के बाद के साहित्य में रीतिबद्ध काव्य लिखने की प्रवृत्ति उत्तरोत्तर बढ़ती गई तथापि यह नहीं समझना चाहिए कि इस काल में रीतिमुक्त काव्य लिखे ही नहीं गए। रीतिमुक्त साहित्य की भी कई धाराएँ हैं। कुछ तो रीतिमुक्त