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बलदेव

प्रकृति के सहज व्यापार को कविता का वर्ण्य-विषय बनाने वाले रीतिकालीन कवि।

प्रकृति के सहज व्यापार को कविता का वर्ण्य-विषय बनाने वाले रीतिकालीन कवि।