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पौढ़े सुख सैन रैन रंग

paudhe sukh sain rain rang

कृपानिवास

कृपानिवास

पौढ़े सुख सैन रैन रंग

कृपानिवास

पौढ़े सुख सैन रैन रंग महल मैं।

सुरति सरोवर हंस हंसनी करत किलोल मद मदन गहल मैं॥

अरी पान बलपीय जीय की सुजीवनि ग्रीबनि भुज भरि सुघर सहल मैं।

अधर-अधर धर सकुच परस्पर भयो है मिलन मानो आज यहल मैं॥

सीतल मंद सुगंध पवन जहँ बहत भवन सुख सरस चहल मैं।

जयति जानकी रमन कमल पद अली निवास नित रहत रहल मैं॥

स्रोत :
  • पुस्तक : रामभक्ति-साहित्य में मधुर उपासना (पृष्ठ 256)
  • संपादक : भुवनेश्वरनाथ मिश्र माधव
  • रचनाकार : कृपानिवास
  • प्रकाशन : बिहार-राष्ट्रभाषा-परिषद्, पटना
  • संस्करण : 1975
हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

‘हिन्दवी डिक्शनरी’ हिंदी और हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों के शब्दों का व्यापक संग्रह है। इसमें अंगिका, अवधी, कन्नौजी, कुमाउँनी, गढ़वाली, बघेली, बज्जिका, बुंदेली, ब्रज, भोजपुरी, मगही, मैथिली और मालवी शामिल हैं। इस शब्दकोश में शब्दों के विस्तृत अर्थ, पर्यायवाची, विलोम, कहावतें और मुहावरे उपलब्ध हैं।

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