ऋतुओं को जो अपने पीछे लिए चलते हैं
rituon ko jo apne pichhe liye chalte hain
एमिली डिकिन्सन
Emily Dickinson

ऋतुओं को जो अपने पीछे लिए चलते हैं
rituon ko jo apne pichhe liye chalte hain
Emily Dickinson
एमिली डिकिन्सन
और अधिकएमिली डिकिन्सन
ऋतुओं को जो अपने पीछे लिए चलते हैं,
ऐसे सामान्य दिनों की पूजा के लिए
इतना भर याद रखने की ज़रूरत है
कि तुमसे या मुझसे वे
वह तुच्छ वस्तु ले सकते हैं,
जिसे हम मर्त्य जीवन कहते हैं।
- पुस्तक : एमिली डिकिन्सन की कविताएँ : संचयन (पृष्ठ 37)
- रचनाकार : एमिली डिकिन्सन
- प्रकाशन : वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली
- संस्करण : 2011
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