Font by Mehr Nastaliq Web

अपन प्रिय कविकेँ पढ़ैत

apan priy kaviken paDhait

आनन्द मोहन झा

आनन्द मोहन झा

अपन प्रिय कविकेँ पढ़ैत

आनन्द मोहन झा

और अधिकआनन्द मोहन झा

    लिखल जा रहलैए

    विकासक महाकाव्य

    जाहिमे धान रोपल जायत

    चानपर, पृथ्वी पर नहि

    विकासक एहि गाथामे

    नहि भेटत कतहु

    एकपेरिया बाट

    सगरो अजेगर सन पड़ल

    फोरलेन सिक्सलेन भेटत अगबे

    लेनक बीचो-बीच

    फूलक सुन्नर किआरी त’ छैक

    मुदा काते-कात

    नहि भेटत कतहु

    छतनार-भकरार गाछ-बिरिछ

    विकासक यात्रा

    अहाँ नहि क’ सकैत छी

    पैरे-पैरे किंबा साइकिलसँ

    सेवामे प्रस्तुत रहत बुलेट ट्रेन

    जेना बिसरि गेलहुँ

    मडुआ रोटी

    नून मेरचाय सानल

    पानिमे फुलौल चाउरक भुज्जा

    तहिना बिसरि जायब

    भात-सोहारी, डलना, सकरौरी सेहो

    पिज्जा, बर्गर, सी-फुड्ससँ

    परिभाषित होयत आब विकास

    मुदा हम नहि सोचि रहलहुँ सभ

    हम सोचि रहलहुँ अछि

    विकासक महाकाव्यक मादे

    जे लिखल जायत

    लाल शोणितसँ

    जाहिमे विचार नहि हेतैक

    नहि प्रतिरोध हेतैक

    ओहिमे हेतैक

    नाँगड़ि डोलबैत किबा

    गारि पढ़ैत समीक्षक

    आलोचक सभक हेंज

    जे अपसियाँत होइत रहता

    ओहि विकास गाथाकेँ

    सदीक महाकाव्य घोषित करबाक ब्योंतमे

    ओहि अकलबेरामे

    हम कोनो पोखरिक महारपर

    बैसल पढ़ैत रहब

    अपन प्रिय कवि अजित आजादक

    कविता संग्रह—

    पेन ड्राईवमे पृथ्वी।

    स्रोत :
    • पुस्तक : ई नहि थिक हमर प्रार्थना (पृष्ठ 14)
    • रचनाकार : आनन्द मोहन झा
    • प्रकाशन : नवारम्भ, मधुबनी/पटना
    • संस्करण : 2020

    Additional information available

    Click on the INTERESTING button to view additional information associated with this sher.

    OKAY

    About this sher

    Close

    rare Unpublished content

    This ghazal contains ashaar not published in the public domain. These are marked by a red line on the left.

    OKAY

    हिन्दवी उत्सव 2026

    रजिस्टर कीजिए