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भजन कर भाई चौबिस घंटा

bhajan kar bhai chaubis ghanta

मनोज मिश्र ‘कप्तान'

मनोज मिश्र ‘कप्तान'

भजन कर भाई चौबिस घंटा

मनोज मिश्र ‘कप्तान'

और अधिकमनोज मिश्र ‘कप्तान'

    रोज व्हाट्सप ज्ञान उड़ेलय

    मिटै मन कै मैला,

    बिन गुरु ज्ञान, पल्ले आवै

    अबउ बैल कै बैला,

    धन, दौलत

    डालर मा उलझे

    दुनियादारी सौ सौ टंटा, जीवन मा

    नोन, तेल, रोटी, कपड़ा दिल

    बिल कय बड़ा झमेला,

    जगन्नाथ कय साथ छोड़व

    मेलम रहव अकेला,

    बेसमेंट मा

    वास करौ या

    लेटव चढ़िकै अण्टा, जीवन मा

    मुँह मा दाँत

    आँत पेट मा

    लगी गेट मा ताला,

    हाथ देई साथ

    भला तब

    कइसे जपिहौ माला,

    अगर सुधार

    उधार रहा

    फिर होई सगरिउ बंटा, जीवन मा

    स्रोत :
    • पुस्तक : अवधी मिठास (पृष्ठ 84)
    • रचनाकार : मनोज मिश्र ‘कप्तान’
    • प्रकाशन : सर्वभाषा प्रकाशन, नई दिल्ली
    • संस्करण : 2025

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