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समसामयिक विषयों पर रामलीला

samsamayik vishyon par ramlila

अनुवाद : शिवम तोमर

केकी एन. दारूवाला

केकी एन. दारूवाला

समसामयिक विषयों पर रामलीला

केकी एन. दारूवाला

और अधिककेकी एन. दारूवाला

    जागो, क्योंकि सूरज ने अफ़रा-तफ़री में

    नेहरूवादी निकम्मों को

    उनकी घिसी-पिटी दिनचर्या में लगा दिया है

    समय के काकभुशुण्डि के पास

    फड़फड़ाने के लिए बस थोड़ी-सी मोहलत है

    क्यूँकि यह कौवा-राजा का विजय दिवस है

    आप कहते हैं—

    हर सुबह हज़ारों नारे लेकर आती है

    लेकिन कल के नारों का क्या?

    ‘सबका विकास’

    और ‘सबका साथ’ कहाँ है?

    और ‘घर वापसी’ का क्या हुआ?

    ख़ाकी कमरबंद और गेरुआ पैंट में

    रैंकबद्ध खड़े ईमानदार लोग

    जो अपने राष्ट्रवाद को अपनी बाँह पर पहनते हैं

    यमुना के तट पर उनकी चिल्लाहट गगन भेद रही है

    श्री-श्री की वजह से क्षतिग्रस्त हुए यमुना के तट?

    उन्हें पर्यावरण को हुए नुक़सान के प्रति हर्जाने के रूप में

    पाँच करोड़ रुपये का जुर्माना देने को कहा गया था!

    वह बिना एक पाई चुकाए निकल लिए

    और वह साध्वी जिसकी साइकिल पर रखे बम को

    देख लेने पर चश्मदीद को शाप मिला

    भारतीय क्षितिज में सूरज की तरह चढ़ी हुई है

    और चुनावों में विजयी हो रही है

    उसका झुकाव उन पुराने हत्यारों की ओर है

    जो इतिहास के कूड़ेदान में गोडसे के साथ पनपते हैं

    राजनीति में करकरे के प्रति नफ़रत

    और गांधी के हत्यारों के प्रति प्रेम को

    शायद ही कभी पाप के रूप में देखा जाता है

    चलिए मान लेते हैं कि

    उन्होंने बोफ़ोर्स में पैसा कमाया

    और सीबीआई अब तक

    क्वात्रोची से कुछ उगलवा नहीं पाई

    आप कहते हैं—

    हर सुबह हज़ारों घोटाले लेकर आती है

    कल के घोटालों को भूल जाओ

    राफ़ेल के बारे में क्या ख़्याल है, मेरे प्यारो?

    और दिवालिया अंबानी को वह उपहार?

    दिल्ली के टुकड़े-टुकड़े होने का क्या?

    सेंट्रल विस्टा के मिट्टी-बजरी में तब्दील होने का क्या?

    इससे किसे लाभ होगा—

    किसी देसाई को या पटेल को?

    या फिर नव नीरव मोदी को?

    इस बीच गांधी परिवार ने

    उन तेईस लोगों के ख़िलाफ़ जीत हासिल की

    जिनके द्वारा लिखी शिकायत ने

    उन्हें अलार्म-घड़ी की तरह

    झकझोर कर जगा दिया।

    स्रोत :
    • पुस्तक : सदानीरा पत्रिका
    • संपादक : अविनाश मिश्र
    • रचनाकार : केकी एन. दारूवाला

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