ग़ज़ल

सामाजिक-राजनीतिक आलोचना के प्रखर कवि-ग़ज़लकार।

1947 -2011

हिंदी के अत्यंत लोकप्रिय कवि-लेखक-नाटककार। अपनी ग़ज़लों के लिए विशेष चर्चित।

1933 -1975

जयपुर नरेश सवाई प्रतापसिंह ने 'ब्रजनिधि' उपनाम से काव्य-संसार में ख्याति प्राप्त की. काव्य में ब्रजभाषा, राजस्थानी और फ़ारसी का प्रयोग।

1764 -1803

भारतेंदु युग की अचर्चित कवयित्री।

1883

सुपरिचित कवि। ‘अलाव’ पत्रिका के संपादक।

1943

‘एक ख़त जो किसी ने लिखा भी नहीं’ शीर्षक गीत के सुपरिचित गीतकार। कवि-सम्मेलनों में लोकप्रिय रहे।

1944

नवें दशक के महत्त्वपूर्ण कवि। अपने काव्य-वैविध्य के लिए उल्लेखनीय। भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

1958

छायावादी दौर के चार स्तंभों में से एक। समादृत कवि-कथाकार। महाप्राण नाम से विख्यात।

1896 -1961