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हम सोवाँचा ई दिलदार कवि जी

hum sovancha ii dildar kavi ji

रत्नेश अवस्थी

रत्नेश अवस्थी

हम सोवाँचा ई दिलदार कवि जी

रत्नेश अवस्थी

और अधिकरत्नेश अवस्थी

    हम सोवाँचा दिलदार कवि जी,

    मुला निकरिगे च्वार कवि जी,

    जूता चाटै करें चाकरी,

    अऊर बिछावें खटिया,

    सारे अगुन छिपावे ख़ातिर,

    रोजु लगावें टटिया,

    हम सोवाँचा पहरेदार कवि जी,

    मुला निकरिगे च्वार कवि जी,

    तुकबंदी हैं घिसी पिटी सब,

    वाह वाह चिल्लावें,

    थोरे चिल्लर खातिन द्याखो,

    नचनी नाचु नचावें,

    हम सोवाँचा हैं हुसियार कवि जी,

    मुला निकरिगे च्वार कवि जी,

    बड़े मञ्च क्या बड़ा नचैया,

    छुटतय अस गुर्रावै,

    जइसे हड्डी छीनै खातिन,

    कूकुर रारि मचावै,

    हम सोवाँचा साहूकार कवि जी,

    मुला निकरिगे च्वार कवि जी,

    स्रोत :
    • रचनाकार : रत्नेश अवस्थी
    • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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