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हो भगवान कौन कसूर बिधना भेलै बाम

ho bhagvan kaun kasur bidhna bhelai baam

अज्ञात

अज्ञात

हो भगवान कौन कसूर बिधना भेलै बाम

अज्ञात

और अधिकअज्ञात

    (चौमासा)

    हो भगवान कौन कसूर बिधना भेलै बाम

    कहब दुख ककरा

    ककरा से कहब सखि अन्तरक दुख

    बिलखि-बिलखि सखि त्यागल सुख

    कहब दुख ककरा

    अषाढ़ मास घटा घन घोर

    हमरो हरि छथि देसक ओर

    कहब दुख ककरा

    सुन्दर स्याम कौन अवगुन बिसरल एहि ठाम

    कहब दुख ककरा

    सावन बेली फुलय बिकरार

    देखि-देखि नयना हमरो झझाय

    कहब दुख ककरा

    भादव नदिया मेघ अपार

    जौं नहि औता नन्दकुमार

    कहब दुख ककरा

    आसिन आस अवधि बीति गेल

    जौं नहि औता एहन किये भेल

    कहब दुख ककरा

    स्रोत :
    • पुस्तक : मैथिली लोकगीत (पृष्ठ 357)
    • संपादक : अणिमा सिंह
    • प्रकाशन : साहित्य अकादमी, नई दिल्ली
    • संस्करण : 1993

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