हिन्दवी उत्सव : 23 अगस्त को इलाहाबाद के पथ पर
हिन्दवी डेस्क
22 अगस्त 2026
प्रिय हिंदी-प्रेमियो,
हम आपको सहर्ष यह सूचित कर रहे हैं कि ‘रेख़्ता फ़ाउंडेशन’ का उपक्रम ‘हिन्दवी’—हिंदी-साहित्य-संस्कृति-कला-संसार को समर्पित अपने वार्षिकोत्सव—‘हिन्दवी उत्सव’ के छठे संस्करण का आयोजन करने जा रहा है। यह आयोजन 23 अगस्त 2026, रविवार को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र [NCZCC], प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में होगा।
‘हिन्दवी उत्सव’ में इस बार हिंदी भाषा, साहित्य, सिनेमा, संगीत और न्यू मीडिया की विविधताएँ एक साथ नज़र आएँगी। ‘हिन्दवी उत्सव’ ने अपने गत संस्करणों में सौंदर्य, सुरुचि, गाम्भीर्य, वैविध्य, और गरिमा के मानक स्थापित किए हैं। आप सबकी भरपूर उपस्थिति से ही यह सब संभव हुआ है।
‘हिन्दवी उत्सव’ में हिंदी साहित्य के महत्त्वपूर्ण विषयों पर हुए विमर्श-सत्र, कविता-सत्र और संगीत-संध्या सरीखे सत्रों ने एक साथ रचनात्मकता, कलात्मकता और विविध अभिव्यक्ति का ऐसा संगम तैयार किया है, जैसा फ़िलहाल अन्य आयोजनों में एक साथ एक जगह होना संभव नहीं हो पाया है और यही विशिष्टता ‘हिन्दवी उत्सव’ को एक अलग पहचान देती है। इस बार भी हिन्दवी उत्सव में हिंदीप्रेमियों को हिंदी भाषा, साहित्य, संगीत और न्यू मीडिया की विविधताएँ एक साथ नज़र आएँगी।
‘हिन्दवी उत्सव’ प्रतिवर्ष ‘हिन्दवी’ के लोकार्पण-दिवस यानी प्रेमचंद-जयंती के आस-पास आयोजित होता है।
‘रेख़्ता फ़ाउंडेशन’ के उपक्रम—‘हिन्दवी’ का लक्ष्य है कि ‘हिन्दवी उत्सव’ के माध्यम से हिंदी-भाषा-संस्कृति-कला-संसार में उपस्थित विधाओं और समकालीन नवाचार को भाषा-कला-संस्कृति-प्रेमियों तक सुंदर-सरल-सुगम रूप में पहुँचाया जाए, ताकि इससे नई पीढ़ी का साहित्य-संस्कृति से परिचय प्रगाढ़ हो और उन्हें भाषा-कला से संबंधित विभिन्न आयामों को जानने का अवसर मिले।
‘हिन्दवी उत्सव’ के गत संस्करणों में हमने अत्यंत महत्त्वपूर्ण रचनाकारों-आलोचकों-कलाकारों को इस आयोजन से जोड़ा है—विश्वनाथ त्रिपाठी, नरेश सक्सेना, मृदुला गर्ग अशोक वाजपेयी, कृष्ण कुमार, राधावल्लभ त्रिपाठी, राजेश जोशी, आलोकधन्वा, अरुण कमल, उदय प्रकाश, श्यौराज सिंह बेचैन, ओम थानवी, देवी प्रसाद मिश्र, गगन गिल, बद्री नारायण, कुमार अम्बुज, शुभा, सविता सिंह, अजंता देव, संजीव कुमार, आर. चेतनक्रांति, निर्मला पुतुल, रामाज्ञा शशिधर, हरिराम मीणा, यश मालवीय, सुधा सिंह, गरिमा श्रीवास्तव, ज्योति शोभा, पूनम वासम, रमाशंकर सिंह, अशोक कुमार पांडेय, विनीत कुमार, सर्वप्रिया सांगवान अणुशक्ति सिंह सरीखे साहित्यिक व्यक्तित्वों ने आयोजन को अपनी उपस्थिति से समृद्ध किया है। साथ ही राहगीर, षड्ज बैंड और साथी, वाचिक समूह जैसे कलाकार भी ‘हिन्दवी उत्सव’ में उपस्थित रहे हैं। इस बार का ‘हिन्दवी उत्सव’ भी गत संस्करणों जैसी विविधता के साथ तैयार है।
‘हिन्दवी उत्सव’-2026 का शुभारंभ 23 अगस्त 2026, सुबह 11:30 बजे मुख्य अतिथि समादृत साहित्यकार-संपादक प्रियंवद द्वारा किया जाएगा।
इस बार आयोजन में शुभारंभ-सत्र सहित कुल पाँच सत्र होंगे।
शुभारंभ
11:30 AM से 12:00 PM
मुख्य अतिथि
प्रियंवद
समादृत साहित्यकार-संपादक
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पहला सत्र
12:00 PM से 2:00 PM
हिन्दवी : ऑल इंडिया कैंपस कविता
अखिल भारतीय प्रतियोगिता से चुने गए दस कवियों का कविता-पाठ
विशेष उपस्थिति : तिग्मांशु धूलिया (फ़िल्मकार एवं अभिनेता)
संचालन : आंशी अग्निहोत्री
टॉप-10 प्रतिभागियों की सूची यहाँ देखिए : सूची
देश भर से चुने गए टॉप-10 प्रतिभागियों को इस सत्र में अपनी-अपनी कविता प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। प्रथम पुरस्कार विजेता को ₹ 21,000; द्वितीय पुरस्कार विजेता को ₹ 11,000; तृतीय पुरस्कार विजेता ₹ 5,000 और टॉप 10 [फ़ाइनल-लिस्ट] के शेष सभी प्रतिभागियों को ₹ 2,100 प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में प्रदान किए जाएँगे। विजेता का निर्णय पाठकों द्वारा की गई वोटिंग के ज़रिये किया जाएगा। वोटिंग-लाइंस 22 अगस्त 2026 रात्रि 12 बजे तक खुली हैं। वोट करने के लिए यहाँ देखिए : वोटिंग-लिंक
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दूसरा सत्र
2:00 PM से 3:00 PM
कौन-सी परंपरा की खोज!
आलोचना, सेंसरशिप और ट्रोलिंग का संसार
सत्र के अतिथि वक्ता :
सारा राय (समादृत कथाकार)
बलवंत कौर (सुपरिचित आलोचक)
बसंत त्रिपाठी (सुपरिचित कवि-लेखक)
स्मृति सुमन (संचालन)
इस सत्र में हम यह समझने का प्रयास करेंगे कि कैसे आलोचना, सेंसरशिप और ट्रोलिंग आज साहित्य और समाज का अहम हिस्सा बन गया है तथा यह कैसे हमें प्रभावित भी कर रहा है। इस बातचीत में हम यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि आलोचना कहाँ तक ज़रूरी है और सेंसरशिप कहाँ से शुरू होती है। ट्रोलिंग के बढ़ते संसार में लेखक और रचनाकार किस तरह अपनी बात रखते हैं? और इस सबके बीच हम किस परंपरा की खोज कर रहे हैं—विचार की, असहमति की या संवाद की?
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तीसरा सत्र
3:30 PM से 5:00 PM
कविताई
कविता-पाठ
सत्र के अतिथि कवि :
ज्ञानेंद्रपति
गगन गिल
विवेक निराला
जोशना बैनर्जी आडवानी
वीरू सोनकर
कविता कादंबरी
सबाहत आफ़रीन (संचालन)
कविता-पाठ का सत्र ‘हिन्दवी उत्सव' का सबसे प्रतीक्षित-चर्चित सत्र है। ‘हिन्दवी उत्सव’ के प्रत्येक संस्करण की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, इस वर्ष भी हिंदी-प्रेमियों के लिए यह सत्र तैयार किया गया है।
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अंतिम सत्र
6:00 PM से 7:30 PM
संगीत-संध्या
संतोष झा & टीम
आज की समकालीन कविता छंद से कुछ दूर नज़र आती हो, लेकिन हमारी पूरी कविता-परंपरा छंदबद्ध-संगीतबद्ध रूप में ही सबसे अधिक जन-मन तक पहुँची है। ऐसे में समकालीन कविता को स्वरबद्ध करके, उसकी आंतरिक लय को सामने लाकर जन-जन तक पहुँचाना एक महत्त्वपूर्ण और सार्थक कार्य है। इस परंपरा के ही एक नवीन प्रसंग के अंतर्गत संगीत-संध्या में संतोष झा और उनके साथी-कलाकारों [सुमन कुमार, अदिति, राजेश कुमार सिंह, ख़ुशी, पंकज] की हिंदी-कविताओं पर आधारित संगीतात्मक प्रस्तुति होगी।
‘हिन्दवी उत्सव’ के स्थानीय संयोजक : प्रवीण शेखर (सुपरिचित रंगकर्मी), अमितेश कुमार (सुपरिचित लेखक और नाट्यालोचक)
प्रवेश-प्रक्रिया आयोजन के दिन सुबह 10:30 बजे शुरू हो जाएगी। स्थान सीमित हैं। प्रवेश पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर होगा।
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