डच गायना के भारतीय
जब मैं ब्रिटिश-गायना में था, तब डच-गायना की राजधानी सुरी नाम के भारतीयों ने मुझे वहाँ की दशा देखने के लिए बुलाया था। ये भारतीय इस सुदूर निर्जन देश में अपनी मातृभूमि से विस्मृत होकर रहते हैं। उनके निमंत्रणा पर मैं वहाँ 14 जून सन् 1928 को पहुँचा और इस