Shrikant Verma's Photo'

श्रीकांत वर्मा

1931 - 1986 | बिलासपुर, मध्य प्रदेश

समादृत कवि-कथाकार-अनुवादक और संपादक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

समादृत कवि-कथाकार-अनुवादक और संपादक। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

श्रीकांत वर्मा की संपूर्ण रचनाएँ

कविता 25

उद्धरण 17

मैंने अपनी कविता में लिखा है 'मैं अब घर जाना चाहता हूँ', लेकिन घर लौटना नामुकिन है; क्योंकि घर कहीं नहीं है।

  • शेयर

प्रेम अकेले होने का एक ढंग है।

  • शेयर

जब इंसान अपने दर्द को ढो सकने में असमर्थ हो जाता है तब उसे एक कवि की ज़रूरत होती है, जो उसके दर्द को ढोए अन्यथा वह व्यक्ति आत्महत्या कर लेगा।

  • शेयर

स्मृतियों का प्रतिफल आँसू है

  • शेयर

कविता लिखते हुए मेरे हाथ सचमुच काँप रहे थे। तब मैंने कहानियाँ भी लिखनी आरंभ कीं। यह सोचकर कि रचना से रचना का यह कंपन कुछ कम होगा।

  • शेयर

"मध्य प्रदेश" से संबंधित अन्य कवि

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI