विश्वनाथ प्रसाद तिवारी का परिचय
मूल नाम : विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
जन्म : 20/06/1940 | देवरिया, उत्तर प्रदेश
विश्वनाथ प्रसाद तिवारी का जन्म 20 जून, 1940 को भेड़िहारी, देवरिया, उत्तर प्रदेश में हुआ। वे गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष-पद से वर्ष 2001 में सेवानिवृत्त हुए।
वे गोरखपुर से प्रकाशित होने वाली साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका ‘दस्तावेज़’ के संपादक हैं। यह पत्रिका रचना और आलोचना की विशिष्ट पत्रिका है जो 1978 से नियमित रूप से प्रकाशित हो रही है। वर्ष 2013 से 2017 तक की अवधि के लिए ‘साहित्य अकादेमी’ के अध्यक्ष रहे।
उन्होंने गाँव की धूल-भरी पगडंडी से इंग्लैंड, मारीशस, रूस, नेपाल, अमरीका, नीदरलैंड, जर्मनी, फ़्रांस, लक्ज़मबर्ग, बेल्जियम, चीन और थाईलैंड की ज़मीन नापी है।
उनका रचना-कर्म देश और भाषा की सीमा तोड़ता है। उड़िया में कविताओं के दो संकलन प्रकाशित हुए। हजारी प्रसाद द्विवेदी पर लिखी आलोचना पुस्तक का गुजराती और मराठी भाषा में अनुवाद हुआ। इसके अलावा रूसी, नेपाली, अँग्रेज़ी, मलयालम, पंजाबी, मराठी, बांग्ला, गुजराती, तेलगू, कन्नड़ व उर्दू में भी उनकी रचनाओं का अनुवाद हुआ है। उनके शोध व आलोचना, कविता-संग्रह, यात्रा-संस्मरण, लेखकों से जुड़े संस्मरण, साक्षात्कार आदि की दो दर्जन से ज़्यादा पुस्तकें प्रकाशित हैं। उन्होंने हिन्दी के कवियों, आलोचकों पर केंद्रित कई पुस्तकों का संपादन किया है।
वे ‘व्यास सम्मान’, ‘सरस्वती सम्मान’, ‘मूर्तिदेवी पुरस्कार’, ‘साहित्य भूषण सम्मान’, ‘पुश्किन सम्मान’ सहित कई सम्मानों से नवाजे जा चुके हैं।
वर्ष 2023 में साहित्य एवं शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित।