'आज़ाद' की माँ'
रतलाम से बी० बी० एंड सी० आई० की गाड़ी पूर्ण वेग से रोज़ का रास्ता तय कर रही थी। यात्री हर स्टेशन पर उतरते और चढ़ते थे; परंतु मैं वर्षों की एक घटना का स्पष्ट चित्र देखने का प्रयत्न कर रहा था।
सन् 1929 से ‘31 तक का साल हिंदुस्तान के क्रांतिकारी-आंदोलन