वह सुबह कभी तो आएगी
मैं बहुत छोटी थी जब गैस रिसी थी। मेरी अम्मी बताती हैं कि वह मुझे जकड़कर जहाँगीराबाद भागी थी। मेरी याददाश्त में मैंने अपना पहला क़दम बीमारी में ही बढ़ाया था। और अब भी मैं उससे बच नहीं पाई हूँ। बीच में कुछ समय तक कुछ राहत थी पर अब फिर सब कुछ वापस