साना-साना हाथ जोड़ि...
मैंने हैरान होकर देखा—आसमान जैसे उलटा पड़ा था और सारे तारे बिखरकर नीचे टिमटिमा रहे थे। दूर...ढलान लेती तराई पर सितारों के गुच्छे रोशनियों की एक झालर-सी बना रहे थे। क्या था वह? वह रात में जगमगाता गैंगटॉक शहर था—इतिहास और वर्तमान के संधि-स्थल पर खड़ा