मदन सोनी का परिचय
जन्म :सागर, मध्य प्रदेश
मदन सोनी सुपरिचित आलोचक-अनुवादक हैं। इनका जन्म 1952 में सागर, मध्यप्रदेश में हुआ। उन्होंने आलोचना की किताबें लिखी हैं, जैसे ‘कविता का व्योम और व्योम की कविता’, ‘विषयान्तर’, ‘कथापुरुष’, ‘उत्प्रेक्षा’ और ‘विक्षेप’। साथ ही कई किताबों और पत्रिकाओं का संपादन भी किया।
प्रमुख रचनाएँ :-
‘प्रेम के रूपक’ (आधुनिक हिंदी की प्रेम कविताओं का संग्रह)
‘अशोक वाजपेयी की चुनी हुई रचनाएँ’
‘समझ भी पाता तुम्हें यदि मैं’ (शमशेर की कविताओं पर आधारित आलोचना)
‘पूर्वग्रह’ (भारत भवन, भोपाल से प्रकाशित पत्रिका)।
अँग्रेज़ी से हिंदी में कई विश्वप्रसिद्ध और चर्चित किताबों का अनुवाद भी किया, जैसे -
शेक्सपीयर का नाटक ‘टेमिंग ऑफ़ द थ्रू’
ब्रेख्त का ‘कॉकेशियन चाक सर्किल’
लोर्का का ‘यरमा’
एडवर्ड बॉड का ‘नैरो रोड टू द डीप नॉर्थ’
मार्ग्रीत ड्यूगास का ‘द स्क्वेयर’
हरमन हेस का उपन्यास ‘सिद्धार्थ’
अंबर्तो इको का ‘द नेम ऑफ़ द रोज़’
डैन ब्राउन का ‘द विंची कोड’
एडवर्ड सईद की ‘रिप्रेजेंटेशंस ऑफ़ द इंटेलेक्चुअल’।
इसके अलावा, उन्होंने जैक्स डेरिडा, जीन बॉद्रिलार्ड, फ्रेडरिक नीत्शे, और ऑक्टेवियो पाज़ जैसे विचारकों की कई सैद्धांतिक रचनाओं का भी अनुवाद किया।
उन्हें साहित्य में योगदान के लिए कई पुरस्कार और सम्मान मिले, जैसे : ‘देवीशंकर अवस्थी पुरस्कार’, ‘नन्ददुलारे वाजपेयी पुरस्कार’, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वरिष्ठ शोधवृत्ति रज़ा फ़ाउंडेशन, दिल्ली और नान्त (फ्रांस) से फ़ेलोशिप।