सेवादास
सन् 1930 मे नमक-सत्याग्रह करना था। प्रांतीय कांग्रेस कमेटी ने मझे पहला डिक्टेटर बनाया था। एक ओर स्वयंसेवकों की भर्ती हो रही थी, दूसरी ओर धन-संग्रह करना था। एक दिन सब स्वयंसेवकों की मीटिंग मैंने बुलाई। उनमें एक बहुत दुबला-पतला भद्दी-सी शक्ल का स्वयंसेवक