1890 - 1960 | मास्को
समादृत रूसी कवि-लेखक-अनुवादक। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित।
जिन दिनों की यह घटना है, उन दिनों रूस में आज जैसी ही सामाजिक परिस्थितियाँ थीं और छोटी-छोटी बातों का बतंगड़ बन जाया करता था। एक दिन किसी बड़े शहर में एक अफ़वाह फैली कि एक नौजवान अपने-आपको नीलामी पर चढ़ा रहा है। नीलामी वाले दिन लोगों की भीड़ शहर से निकलकर
You have exhausted your 5 free content pages. Register and enjoy UNLIMITED access to the whole universe of Urdu Poetry, Rare Books, Language Learning, Sufi Mysticism, and more.
Devoted to the preservation & promotion of Urdu
Urdu poetry, urdu shayari, shayari in urdu, poetry in urdu
A Trilingual Treasure of Urdu Words
Online Treasure of Sufi and Sant Poetry
The best way to learn Urdu online
Best of Urdu & Hindi Books
हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश