छपरा, बिहार
बड़े लोगों की बुद्धि स्वभाव से ही स्वतंत्र और अपनी रुचि के अनुरोध पर चलने वाली होती है।
सहस्रों माता-पिता और सैकड़ों पुत्र व पत्नियाँ युग-युग में हुए। सदैव के लिए वे किसके हुए और आप किसके हैं?
धार्मिक पुरुषों के पास कल्याण संपदाएँ सदैव रहती है।
धन-संपत्ति मिथ्या अभिमान से उन्मत्त कर देती है।
मनस्विता धन की गर्मी से लता के समान झुलस जाती है।
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