Font by Mehr Nastaliq Web

भोपाल के रचनाकार

कुल: 34

नई पीढ़ी की कवि। एक कविता-संग्रह प्रकाशित।

हिंदी के समादृत कवि-कथाकार और आलोचक। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

‘तय तो यही हुआ था’ शीर्षक कविता-संग्रह के कवि। कम आयु में दिवंगत। मरणोपरांत भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।