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पवन और गुलाब

pavan aur gulab

ज़्बीग्न्येव हेर्बेर्त

ज़्बीग्न्येव हेर्बेर्त

पवन और गुलाब

ज़्बीग्न्येव हेर्बेर्त

और अधिकज़्बीग्न्येव हेर्बेर्त

    एक बग़ीचे में एक गुलाब उग रही थी। पवन उससे प्रेम में पड़

    गया। वे बिलकुल भिन्न थे, वह हलका और उजला और वह

    निश्चल और भारी, रक्त की तरह।

    एक आदमी लाठी लिए हुए आया और मोटे हाथों से उसने गुलाब

    तोड़ लिया। पवन उसके पीछे भागा पर आदमी ने उस पर दरवाज़ा बंद

    कर दिया।

    मैं चाहता हूँ कि मैं एक पत्थर में बदल जाऊँ तबाह वह

    चीख़ा। मैं सारे संसार का चक्कर लगा सकता था और बरसों तक

    वापस आता लेकिन मुझे पता था कि वह हमेशा मेरी प्रतीक्षा करेगी।

    पवन को समझ में आया कि सचमुच दुख में होने के लिए वफ़ादार

    होना होता है।

    स्रोत :
    • पुस्तक : अन्तःकरण का आयतन (पृष्ठ 83)
    • संपादक : रेनाता चेकाल्स्का और अशोक वाजपेयी
    • रचनाकार : कवि के साथ अनुवादक अशोक वाजपेयी और रेनाता चेकाल्स्का
    • प्रकाशन : वाणी प्रकाशन
    • संस्करण : 2003
    हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

    हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

    ‘हिन्दवी डिक्शनरी’ हिंदी और हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों के शब्दों का व्यापक संग्रह है। इसमें अंगिका, अवधी, कन्नौजी, कुमाउँनी, गढ़वाली, बघेली, बज्जिका, बुंदेली, ब्रज, भोजपुरी, मगही, मैथिली और मालवी शामिल हैं। इस शब्दकोश में शब्दों के विस्तृत अर्थ, पर्यायवाची, विलोम, कहावतें और मुहावरे उपलब्ध हैं।

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