उनका अश्व पकड़ना साथी
unka ashw pakaDna sathi
चालू कला चक्रवर्ती हो
इसी काम का यज्ञ हुआ है
इसका अश्व पकड़ना साथी
इस घोड़े के पीछे-पीछे
छोटी बड़ी कई सेनाएँ
सभी आधुनिक अस्त्र-शस्त्र से सज्जित होकर साथ चली हैं
पूँजी के इन कलादलालों के भीषण धाराप्रवाह में
वामपंथ के श्रेष्ठिवर्ग की कई टुकड़ियाँ भी शामिल हैं
वैचारिक मतभेद मुनाफ़े में मिलकर स्वादिष्ट हो गए
लोकतंत्र अभिव्यक्ति कला के प्रश्नों में तुमको उलझाकर
यही लोग यदि यज्ञ निमंत्रण पत्र बाँटने घर पर आएँ
उनमें शामिल मत हो जाना
सत्ता के गर्हित बीजक में
कभी राम का चित्र बनाकर
या फिर ग्लैमर की मंडी में
बड़ी शान से सर मुँडवाकर
विधवाओं के दुखी देश की ऐसी चमकदार तस्वीरें
पीड़ा को भी पण्य बनाने की महीन कारोबारी में
उनके जीवन को भी देखो
उनका होना अस्सी प्रतिशत काले धन पर टिका हुआ है
ऑडिट होकर भी ये खाते इसी अर्थ के सेतु बने हैं
इसी हुनर की दाद दे रहा है चेहरे का गरम मसाला
उनकी आँखों के महीन काजल को देखो
काले धन के खुले तमाशे में कबीर-तुलसी की भाषा
चाँदी के परदे पर फैला यह आधुनिक उपनिषद अब तो
बनता नया विश्वविद्यालय
इसके चालू कुलपतियों के वेगवान उल्लू के पठ्ठे
सरमाए के कूट-कपट के कला तपस्वी
कभी धर्म का कभी क्रांति का ध्वज लेकर हल्ला बोलें तो
ग़फ़लत में मत पड़ना साथी
उनका अश्व पकड़ना साथी।
- रचनाकार : संजय चतुर्वेदी
- प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित
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