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एक गीत (दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!)

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हरिवंशराय बच्चन

हरिवंशराय बच्चन

एक गीत (दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!)

हरिवंशराय बच्चन

नोट

प्रस्तुत पाठ एनसीईआरटी की कक्षा बारहवीं के पाठ्यक्रम में शामिल है।

हो जाए पथ में रात कहीं,

मंज़िल भी तो है दूर नहीं—

यह सोच थका दिन का पंथी भी जल्दी-जल्दी चलता है!

दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!

बच्चे प्रत्याशा में होंगे,

नीड़ों से झाँक रहे होंगे—

यह ध्यान परों में चिड़िया के भरता कितनी चंचलता है!

दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!

मुझसे मिलने को कौन विकल?

मैं होऊँ किसके हित चंचल?

यह प्रश्न शिथिल करता पद को, भरता उर में विह्लता है!

दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!

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हरिवंशराय बच्चन

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स्रोत :
  • पुस्तक : आरोह (भाग-2) (पृष्ठ 7)
  • रचनाकार : हरिवंशराय बच्चन
  • प्रकाशन : एन सी ई आर टी
  • संस्करण : 2022
हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों का व्यापक शब्दकोश : हिन्दवी डिक्शनरी

‘हिन्दवी डिक्शनरी’ हिंदी और हिंदी क्षेत्र की भाषाओं-बोलियों के शब्दों का व्यापक संग्रह है। इसमें अंगिका, अवधी, कन्नौजी, कुमाउँनी, गढ़वाली, बघेली, बज्जिका, बुंदेली, ब्रज, भोजपुरी, मगही, मैथिली और मालवी शामिल हैं। इस शब्दकोश में शब्दों के विस्तृत अर्थ, पर्यायवाची, विलोम, कहावतें और मुहावरे उपलब्ध हैं।

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