लखनऊ के रचनाकार

कुल: 21

धूमिल

1936 - 1975

‘अकविता’ आंदोलन के समय उभरे हिंदी के चर्चित कवि। मरणोपरांत साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

द्विवेदी युग के सुपरिचित व्यंग्यकार, नाटककार और पत्रकार। बालसखा’ पत्रिका के संस्थापक-संपादक के रूप में योगदान।

सुपरिचित कवि-कथाकार और नाटककार। जोखिमों से भरा बीहड़ जीवन जीने के लिए उल्लेखनीय।

समादृत कवि-आलोचक और अनुवादक। भारतीय ज्ञानपीठ से सम्मानित।

आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि और अनुवादक। अपनी पत्रकारिता और कहानियों के लिए भी प्रसिद्ध। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

रीतिबद्ध कवि। नायिकाभेद के अंतर्गत प्रेमक्रीड़ा की सुंदर कल्पनाओं के लिए प्रसिद्ध।

रीतिकालीन संधि कवि। सतनामी संप्रदाय से संबद्ध। जगजीवनदास के शिष्य। भाषा में भोजपुरी का पुट।

नई पीढ़ी के लेखक और दास्तानगो।

सुपरिचित कवयित्री।

सातवें दशक के कवि। कहन में संक्षिप्तता, स्मृति और कविता-पाठ के लिए उल्लेखनीय।

सामाजिक-राजनीतिक आलोचना के प्रखर कवि-ग़ज़लकार।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक और अनुवादक।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक और कलाकार।

नई पीढ़ी की कवयित्री।

वास्तविक नाम कुंदनलाल। सखी संप्रदाय में दीक्षित होकर ललित किशोरी नाम रखा। कृष्ण-भक्ति से ओत-प्रोत सरस पदों के लिए स्मरणीय।

‘तय तो यही हुआ था’ शीर्षक कविता-संग्रह के कवि। कम आयु में दिवंगत। मरणोपरांत भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित।

हिंदी के प्रसिद्ध कवि-लेखक और संपादक। हरिवंश राय बच्चन से निकटता के लिए भी चर्चित

रीतिकालीन कृष्णभक्त कवि।

नई पीढ़ी के हिंदी कवि-ग़ज़लकार। लोक-संवेदना और सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवयित्री और आलोचक। 'चौथा सप्तक’ में शामिल।

आठवें दशक में उभरे कवि, कथाकार और कला-आलोचक। भारत भारतभूषण पुरस्कार से सम्मानित।