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साहित्यिक दोस्त

sahityik dost

कमल जीत चौधरी

कमल जीत चौधरी

साहित्यिक दोस्त

कमल जीत चौधरी

मेरे दोस्त

अपनी उपस्थिति दर्ज करवाना चाहते हैं

वे गले में काठ की घंटियाँ बाँधते हैं

उन्हें आर-पार देखने की आदत है

वे शीशे के घरों में रहते हैं

पत्थरों से डरते हैं

काँच की लड़कियों से प्रेम करते हैं

बम पर बैठकर

वे फूल पर कविताएँ लिखते हैं

काव्य-गोष्ठियों में ख़ूब हँसते हैं

शराबख़ानों में गंभीर हो जाते हैं

यह भी उनकी कला है

अपनी मोम की जेबों में

वे आग रखते हैं।

स्रोत :
  • रचनाकार : कमल जीत चौधरी
  • प्रकाशन : हिन्दवी के लिए लेखक द्वारा चयनित

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