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धुतू-धुतू

dhutu dhutu

आद्या प्रसाद 'उन्मत्त'

और अधिकआद्या प्रसाद 'उन्मत्त'

    नई भीत उठा थै पुरान भीत गिरै, भैया धुतू-धुतू। हो भैया...!

    बरखा कै रतिया गढ़ानि के अँधियरिया,

    चारिउ मू से बही झकझोरि के बयरिया,

    लूटै लागे पहरू धरम धन दुइनौ,

    हे हो राम! लगा तुहीं अब तौ गोहरिया,

    मारा ईखनवाक मूड़ उतरै, हो भैया धुतू-धुतू। हो भैया...!

    नकली समाजवाद खोखली अजादी,

    पपवा परदा महतिमा खादी,

    जेकरे रकतवा से बेदिया गै लीपी,

    ओकरे असनवा पै बैठिगे फसादी,

    मारि के ढकेलि द्या सोझै उतरै, हो भैया धुतू-धुतू। हो भैया...!

    डकुआ लुटेरुआ राज तनी देखा,

    झपटै कबुतरी बाजतनी देखा,

    अपुनी महलिया करै रंगरेलिया,

    देसवा बूड़ै थै जहाज तनी देखा,

    होइ जे मरद लँगोट पहिरै हो, भैया धुतू-धुतू। हो भैया...!

    देहिया उघारि के करावै नाच नंगा,

    हड़वा बहाइ के मचावै हुड़दंगा,

    नवा-नवा सपन सुनावै भिनुसारे,

    देसवा लूटि के बनावै भिखमंगा,

    अपुना अखंड खर चरै, हो भैया धुतू-धुतू। हो भैया...!

    अँखिया पनिया मना चिनगारी,

    निकरा पुरुब से पुरुस अवतारी,

    दौड़ि चला गाँव-गाँव टेरा थै जवानी,

    जेका होये दुधवा पियाये महतारी,

    दुधवा कै लाज करै दौड़ि के भिरै, हो भैया धुतू-धुतू। हो भैया...!

    नई-नई भीत उठै नवा खपरैला,

    घरा खटै गोरिया सेवनिया छैला,

    ठुम-ठुम ठुमकै मारै किलकारी,

    अँगना ललना बगिचवा मुरैला,

    खेतिया कियरिया बसंत लहरै, हो भैया धुतू-धुतू। हो भैया...!

    चन्दा मामा धावै लिहे दूध कै कटोरिया,

    हँसि के अँगनवा उतरै अँजोरिया,

    सास जी कै छोहिया ननद कै ठिठोली,

    अपने लिलार पै गुनान करै गोरिया,

    फिर से धरतिया सरग उतरै, हो भैया धुतू-धुतू। हो भैया...!

    रहाँ तहाँ धूम करै कल कारखनवा,

    महकै मजरुवा के मथवा पसिनवा,

    सिमवा के मोरचा पै गरजै जवानी,

    खेतवा के मोरचा चमकै किसनवा,

    बलिया से मोतिया कै दनवा झरै, हो भैया धुतू-धुतू। हो भैया...!

    अँखिया भै निंदिया भुखिया भै दाना,

    लजिया भै कपड़ा सरब सुख माना,

    अवा गवा देखिके जुड़ाइ जाइ छतिया,

    के हू दरद दुख रहै बेगाना,

    गोरुआ कि नाहीं केउ अपुनै चरै, हो भैया धुतू-धुतू। हो भैया...!

    नई भीत उठा थै पुरान भीत गिरै, भैया धुतू-धुतू। हो भैया...!

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