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बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे

baba anjuri se phulva chaDhai kaise

आद्या प्रसाद 'उन्मत्त'

आद्या प्रसाद 'उन्मत्त'

बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे

आद्या प्रसाद 'उन्मत्त'

और अधिकआद्या प्रसाद 'उन्मत्त'

    मोरी जिनगी लिकिया अनितिया बनी,

    रोज रहै मोरे भितरा झगरिया ठनीं,

    गला काटी रोज सत्त नियाव कै खुबै,

    मोरी अहै दसौ अँगुरी रकतवा सनी।

    उहीं अँगुरी से रोलिया लगाई कइसे,

    बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे?

    कभौं छोरे केउकै रोटिया मिरोरि हथवा,

    कभौं नोचे केउकै बोटिया केहू के मथवा,

    काटे दुखिया पेटवा उठाए कोठिया,

    लूटे केहू कै लँगोटिया जुलुम के सथवा।

    देई तोहसे जुलुम कै सफाई कइसे,

    बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे?

    कभौं खून पिए रकत नहनवा करी,

    कभौ बनिके निरीह अनसनवा करी,

    जौनै लहै तौनै घतिया लगाए दपका,

    कभौं गारी देई कभौं दरसनवा करी।

    बड़ी ढोलिया पोलिया देखाई कइसे,

    बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे?

    कभौं खदिया के धगवा गुँथाए मलवा,

    कभौं फाँसै सिकरवा बनाए जलवा,

    कभौ परे गरजिया बहाए अँसुवा,

    कभी नहकै गरज चमकाए भलवा।

    बाबा मलवा गरा पहिराई कइसे,

    बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे?

    सीताराम सीता राघव राजा राम के कसम,

    मोहे धरम करम मोच्छ काम कै कसम,

    मोरे उपरा अकसवा तरा बा धरती,

    कामी लोभी मोका कामिनी दाम कै कसम।

    अही कुल कै कपूत नियराई कइसे,

    बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे?

    तू तौ रहिया देखाया ठेंगि ठेंग सोंटवा,

    हमैं सूझा नाहीं कबहूँ सेवाय नोटवा,

    बाबा हथवा उठाइ समझाया केतनौ,

    मारे निमरा गोलिया चोराए लोटवा।

    उहीं लोटवा से अरघ चढ़ाई कइसे,

    बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे?

    तू तौ रोके रह्या कसि के चला थै दरुआ,

    अबै अहैं इहाँ केतना बेचारे धरुआ,

    केहू उड़ा थै अकसवा बिपतियों परे,

    केहू नपतै धरतिया खियान तरुआ।

    बड़ी दूर अहै दुइनौ मिलाई कइसे,

    बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे?

    तू तौ भाग्या नाहीं केतनौ चली है गोलिया,

    कभौं भूल्या नाहीं सत्त छिमा कै बोलिया,

    जेका भेट्या अकवरिया कलै बतिया,

    आज ओनके रकतवा लगाए रोलिया?

    भला गोड़वा मथवा नवाई कइसे,

    बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे?

    बाबा अँखिया अँसुआ भरी बा ओनके,

    अबै मुड़वा बिपतिया परी बा ओनके,

    बाबा जेकरे करनवा लँगोटिया लेह्या,

    अबै पेटवा अगिनिया बरी बा ओनके।

    बाबा ओनकै अगिनिया त्रुताई कइसे,

    बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे?

    केहू निबले के पाँव बेवाई लखि के,

    ऊँच नीच भेदभाव के लड़ाई लखि के,

    बाढ़ा मन विरोगवा रमाया धुनिया,

    बाबा रोइ दिह्या पिरिया पराई लाख के।

    बाबा पिरिया पराई अपनाई कइसे,

    बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे?

    नाहीं कौनौ फुलवारी कियारी कुलवा

    उहै सिया के डोरिया दुखा के फुलवा

    गूँथि गूंथि के गजरवा सजाई तोहका,

    डारी नेहिया पटनवा झुलाई झुलवा।

    बड़ी मन अहकिया बुताई कइसे,

    बाबा अँजुरी से फुलवा चढ़ाई कइसे?

    स्रोत :
    • पुस्तक : माटी औ महतारी (पृष्ठ 60)
    • रचनाकार : आद्या प्रसाद 'उन्मत्त'
    • प्रकाशन : अवधी अकादमी

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