हरियाणा के रचनाकार

कुल: 19

नई पीढ़ी के कवि। काव्य-शिल्प के लिए उल्लेखनीय।

चरनदास की शिष्या। प्रगाढ़ गुरुभक्ति, संसार से पूर्ण वैराग्य, नाम जप और सगुण-निर्गुण ब्रह्म में अभेद भाव-पदों की मुख्य विषय-वस्तु।

सुप्रसिद्ध हास्य कवि।

‘नया एक आख्यान’ शीर्षक कविता-संग्रह के कवि। लोक-संवेदना के लिए उल्लेखनीय।

इस सदी में सामने आईं हिंदी की कुछ प्रमुख कवयित्रियों में से एक। अनुवाद-कार्य के लिए भी उल्लेखनीय।

सुपरिचित कवयित्री। स्त्रीवादी संवेदना-सरोकारों के लिए उल्लेखनीय।

नई पीढ़ी के कवि-लेखक।

भारतेंदुयुगीन रचनाकार। 'हिंदुस्तान', 'भारत प्रताप' और 'भारतमित्र' आदि पत्र-पत्रिकाओं के संपादक। 'शिवशंभू का चिट्ठा' व्यंग्य रचना कीर्ति का आधार।

नई पीढ़ी की कवयित्री और गद्यकार।

'चरनदासी संप्रदाय' से संबंधित संत चरणदास की शिष्या। कविता में सर्वस्व समर्पण और वैराग्य को महत्त्व देने के लिए स्मरणीय।

सुप्रसिद्ध हास्य कवि।

रीतिकालीन संत। ग़रीब पंथ के प्रवर्तक। राम-रहीम में अभेद और सर्वधर्म समभाव के पक्षधर। कबीर के स्वघोषित शिष्य।

सुप्रसिद्ध हास्य कवि।

सुपरिचित कवि-लेखक और अनुवादक। ‘बहनें’ शीर्षक कविता के लिए चर्चित।

सुप्रसिद्ध हास्य कवि।

नई पीढ़ी की कवयित्री और अनुवादक। स्त्रीवादी विचारों के लिए उल्लेखनीय।

हिंदी कविता के आठवें दशक में उभरे सुपरिचित कवि-आलोचक।