Font by Mehr Nastaliq Web

विनोद कुमार शुक्ल के उद्धरण

गाड़ियों और यात्रियों को आते-जाते देखते हुए वे जीवन का रहस्य नहीं, लौटने और जाने का रहस्य समझना चाहते थे।