सुप्रसिद्ध कहानीकार राजेंद्र सिंह वेदी का यह उपन्यास आधुनिक कथा साहित्य की उत्कृष्टतम कृति माना गया है और इसका अनुवाद अनकों भारतीय और विदेशी भाषाओँ में छपा है। इस मार्मिक उपन्यास में पंजाब के ग्रामीण जीवन और जीवंत पात्रों का ऐसा सजीव वर्णन हुआ है जिसे पढ़कर प्रसिद्ध कहानीकार कृष्णचंद्र ने लेखक को बधाई देते हुए कहा था ''कमबख्त! तुम नही जानते तुमने क्या लिख दिया है।