by डॉ भगवानदास दर्शन का प्रयोजन by डॉ भगवानदास -1 अतिरिक्त अंक समीक्षा पढ़िए बुक सूची देखें लेखक : डॉ भगवानदास संस्करण संख्या : 003 प्रकाशक : ज्ञानमण्डल लिमिटेड, बनारस प्रकाशन वर्ष : 1953 भाषा : हिंदी श्रेणियाँ : दर्शनविषयक पृष्ठ : 301 सहयोगी : भारतीय भाषा परिषद ग्रंथालय
पुस्तक: परिचय 'दर्शन का प्रयोजन' भारत में 'दर्शन' उस विद्या को कहा जाता है जिसके द्वारा तत्व का ज्ञान हो सके। मानव के दुखों की निवृति के लिए और/या तत्व ज्ञान कराने के लिए ही भारत में दर्शन का जन्म हुआ है। .....और पढ़िए
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