Font by Mehr Nastaliq Web

बेला

साहित्य और संस्कृति की घड़ी

घाम-पानी : नाम्चे बाज़ार का जादुई शनिवार

 

मैं नाम्चे बाज़ार में हूँ... क्यों हूँ! यह बताने के मायने कुछ नहीं निकलेंगे। बस इतना ही कहना काफ़ी होगा कि मैं नाम्चे बाज़ार में हूँ... क्योंकि मुझे यहाँ होना होगा। ठीक वैसे ही जैसे ‘Yesterday’ फ़िल्म

...और पढ़िए

23 सितम्बर 2026

आज का रचनाकार

रचनाकार का समय और समय का रचनाकार

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना

आधुनिक हिंदी कविता के प्रमुख कवि और नाटककार। अपनी पत्रकारिता के लिए भी प्रसिद्ध। साहित्य अकादेमी पुरस्कार से सम्मानित।

और जानिए

हिन्दी भाषा और साहित्य के संरक्षण-संवर्द्धन में हमारा सहयोग करें।

आज की कविता

कविता अब भी संभावना है

दीनदयाल दया करिए

निज हाथन सर्वसु खोय चुके कहँ लौ दुख पै दुख ही भरिये।

हम आरत भारतवासिन पै अब दीनदयाल दया करिये॥

प्रतापनारायण मिश्र

ई-पुस्तकें

हिंदी का किताबघर

हिंदी के नए बालगीत

रमेश तैलंग 

1994

गीतों में विज्ञान

सोम्या 

1993

दोहा-कोश

राहुल सांकृत्यायन 

1957

आकाश-गंगा

मदनमोहन राजेन्द्र 

1972

बाँकीदास-ग्रंथावली

रामनारायण दूगड़ 

1931

थाली भर आशा

इशरत आफ़रीं 

2015

अन्य ई-पुस्तकें

रेख़्ता फ़ाउंडेशन की अन्य वेबसाइट्स